यमुना एक्सप्रेसवे हादसा, बीजेपी नेता का शव ले जाने के नाम पर 17 हजार वसूली का मामला
यमुना एक्सप्रेसवे पर मथुरा के पास हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एक संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस दुर्घटना में प्रयागराज निवासी भारतीय जनता पार्टी के नेता अखिलेंद्र प्रताप यादव की मौत हो गई थी। हादसे के बाद उनके शव को घर तक पहुंचाने के लिए जिस प्राइवेट एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई, उसने कथित तौर पर 17,500 रुपये की मांग कर ली। मामला सामने आते ही प्रशासन हरकत में आ गया।
यह हादसा मंगलवार सुबह घने कोहरे के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर हुआ था। अधिकारियों के अनुसार अखिलेंद्र प्रताप यादव की कार एक अन्य वाहन से टकरा गई थी। टक्कर के बाद जब वह कार से बाहर निकलकर स्थिति देखने लगे, तभी पीछे से आ रही एक बस ने उनकी गाड़ी को टक्कर मार दी। इस हादसे में वह बस और कार के बीच कुचल गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 19 लोगों की जान चली गई।
घटना के बाद अन्य पीड़ितों के साथ अखिलेंद्र का शव पोस्टमार्टम के लिए मथुरा की मोर्चरी भेजा गया। इसके बाद शव को प्रयागराज ले जाने के लिए एक प्राइवेट एम्बुलेंस का इंतजाम किया गया। परिवार का आरोप है कि एम्बुलेंस ड्राइवर ने शव ले जाने से पहले ही मथुरा से प्रयागराज तक के किराए के रूप में 17,500 रुपये की मांग की। मजबूरी में परिवार ने पहले 5,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और बाकी रकम घर पहुंचने के बाद दी।
मामले की शिकायत मिलने पर एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉक्टर पंकज कुमार वर्मा ने तुरंत संज्ञान लिया। प्रशासन ने एम्बुलेंस संचालक से पूछताछ की और पूरे मामले की जांच कराई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि पीड़ित परिवार को पूरी राशि वापस कराई जाएगी।
गुरुवार को प्रशासन ने पुष्टि की कि अखिलेंद्र प्रताप यादव के परिवार को पूरी रकम लौटा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आपदा और शोक की घड़ी में किसी भी तरह की मनमानी या अवैध वसूली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह मामला मानवीय संवेदनाओं और जवाबदेही पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।


