ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर ग्रेटर कानपुर, 80 गांवों के लिए मास्टर प्लान तैयार

कानपुर विकास प्राधिकरण की 144वीं बोर्ड बैठक में शहर के भविष्य को नई दिशा देने वाले कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई है। कानपुर विकास प्राधिकरण की इस बैठक में ग्रेटर कानपुर योजना सबसे अहम प्रस्ताव के रूप में सामने आई है। ग्रेटर लखनऊ की तर्ज पर करीब पांच हजार एकड़ क्षेत्र में ग्रेटर कानपुर विकसित किया जाएगा जिसमें आवासीय व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियां शामिल होंगी।
बैठक में गंगा बैराज को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने पर भी मुहर लगी। कंपनी बाग से अटल घाट तक लगभग दो किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी जिस पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे न केवल यातायात आसान होगा बल्कि गंगा बैराज क्षेत्र शहर का नया आकर्षण केंद्र बनेगा। गंगा बैराज के पास 70 एकड़ में बने बॉटनिकल गार्डन को नए साल में आम जनता के लिए निशुल्क खोला जाएगा।
शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए मकसूदाबाद में 300 एकड़ और पनकी में 100 एकड़ में बड़े फॉरेस्ट पार्क विकसित किए जाएंगे। इन पार्कों में बोटिंग खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों की सुविधा होगी। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ शहरवासियों को बेहतर जीवनशैली मिलेगी।
आवासीय योजनाओं पर भी विशेष फोकस किया गया है। न्यू कानपुर सिटी योजना को 153.31 हेक्टेयर में तीन चरणों में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा पहली बार लैंड पूलिंग मॉडल पर दो नई आवासीय योजनाएं लाई जा रही हैं। सनिगवां के पास हाईवे सिटी विस्तार और नानकारी के पास जवाहरपुरम योजना विकसित होगी।
ग्रेटर कानपुर योजना के तहत रामपुर खास कैंधा सेन पश्चिम पारा सेन पूरब पारा फत्तेपुर दक्षिण गोपालपुर फत्तेहरी और दुर्जनपुर इटारा जैसे क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा। यहां स्कूल अस्पताल शॉपिंग मॉल और औद्योगिक पार्क विकसित होंगे। साथ ही केडीए से जुड़े 80 गांवों के विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। छह जोन बनाकर स्थानीय स्तर पर कार्यालय खोले जाएंगे जिससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।


