तस्वीरों की राजनीति में उलझा कोडीन कफ सिरप केस, अखिलेश ने सीएम को घेरा

उत्तर प्रदेश में कोडीन कफ सिरप मामले को लेकर सियासी संग्राम और तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav की एक तस्वीर आरोपी के साथ सामने आने के बाद बीजेपी ने सपा पर तीखा हमला बोला। लेकिन अब अखिलेश यादव ने पलटवार करते हुए सीधे सरकार और शीर्ष नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि अगर किसी आरोपी के साथ तस्वीर होना अपराध है, तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के साथ भी उनकी तस्वीरें मौजूद हैं। ऐसे में तय कौन करेगा कि माफिया कौन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे कफ सिरप रैकेट से जुड़े कई अहम तथ्यों को जानबूझकर छिपा रही है। जनता को सच बताया जाना चाहिए कि आखिर इस अवैध कारोबार को संरक्षण कौन दे रहा है।
सपा प्रमुख ने कहा कि सरकार दूसरों पर आरोप लगाकर अपने लोगों को बचाने में लगी है। उन्होंने दावा किया कि दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय राजनीतिक बदले की भावना से तस्वीरों के सहारे माहौल बनाया जा रहा है। अखिलेश ने यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के क्षेत्र में इतना बड़ा अवैध रैकेट कैसे फल-फूल रहा था।
उन्होंने दो टूक कहा कि अगर माफिया है तो उस पर बुलडोजर चलना चाहिए, चाहे वह किसी भी पार्टी से जुड़ा हो। अखिलेश का यह बयान सीधे तौर पर Yogi Adityanath सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
इससे पहले मुख्यमंत्री के बयान के बाद बीजेपी ने दावा किया था कि पकड़े गए अभियुक्तों के संबंध Samajwadi Party से हैं। वहीं सपा ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सब ध्यान भटकाने की राजनीति है। अब Bharatiya Janata Party और सपा के बीच जुबानी जंग चरम पर है।
कोडीन कफ सिरप मामले में लगातार छापेमारी और नए खुलासे हो रहे हैं। ऐसे में जनता की नजर अब जांच एजेंसियों पर है। सच क्या है और जिम्मेदार कौन, यह सामने आना जरूरी है। आप इस मुद्दे पर क्या सोचते हैं। अपनी राय जरूर साझा करें।


