Cough Syrup Controversy: खतरनाक खांसी सायरप मामले में ड्रग कंट्रोलर निलंबित, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चेतावनी जारी

Cough Syrup Controversy: मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना के तहत वितरित खाँसी की सिरप की गुणवत्ता को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दवा की गुणवत्ता तय करने में कथित लापरवाही के आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा कदम उठाया है। जयपुर स्थित Kaysan Pharma की सभी 19 प्रकार की दवाओं की आपूर्ति तत्काल रोक दी गई है। इसके अलावा अन्य कंपनियों की dextromethorphan युक्त खांसी की सिरप भी प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है।
दवा नियंत्रक राजाराम शर्मा निलंबित
इस मामले में कथित लापरवाही के चलते दवा नियंत्रक राजाराम शर्मा को भी निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि दवाओं में नमक की मात्रा के आधार पर मानक तय करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी की गई। अधिकारियों ने बताया कि यह लापरवाही आम जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती थी।

मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ने दिए कड़े निर्देश
खाँसी की सिरप की गुणवत्ता पर उठे सवालों के बाद मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने मामले की व्यक्तिगत रूप से जांच का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री ने विशेषज्ञ समिति गठित करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विभाग ने सभी dextromethorphan युक्त दवाओं के बैच को प्रतिबंधित कर दिया है।
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सलाह
मेडिकल और स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव गायत्री राठौर ने बताया कि केंद्रीय सरकार ने 2021 में चेतावनी जारी की थी कि dextromethorphan बच्चों को 4 वर्ष से कम उम्र में नहीं दी जानी चाहिए। अब दवा नियंत्रक भारत ने स्पष्ट किया है कि यह दवा केवल 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को दी जा सकती है और 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को नहीं दी जानी चाहिए। ऐसे दवाओं पर चेतावनी जारी की जाएगी जो बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए हानिकारक हो सकती हैं।
वैकल्पिक दवाओं पर जोर और जांच के परिणाम
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में खांसी के उपचार के लिए dextromethorphan के बजाय वैकल्पिक दवाओं का उपयोग किया जाएगा। गंभीर बीमारियों जैसे COPD के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाओं की खरीद और आपूर्ति पर भी नियंत्रण रखा जाएगा। RMSCL के प्रबंध निदेशक पुखराज सेन ने बताया कि Kaysan Pharma की 10,000 से अधिक दवाओं के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए। इनमें से 42 नमूने खराब पाए गए, जिसके चलते इस कंपनी की सभी दवाओं की आपूर्ति निलंबित कर दी गई। विभाग ने कहा कि जनता का स्वास्थ्य और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और दवाओं की गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।



