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नवरात्रि में गरबा और डांडिया करते समय दिल की सुरक्षा बेहद जरूरी, जानें स्वामी रामदेव के आसान उपाय

नवरात्रि का पर्व पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। सुबह माँ दुर्गा की पूजा और शाम को डांडिया और गरबा की मस्ती युवाओं और बुजुर्गों में जोश भर देती है। लेकिन ध्यान रखें कि 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस भी है। डांस नाइट्स के दौरान तेज संगीत और जोश से आपका दिल अधिक सक्रिय होता है। कभी-कभी हृदय इस दबाव को सहन नहीं कर पाता। तेज डीजे संगीत, लंबे समय तक लगातार नृत्य, खराब जीवनशैली और अस्वास्थ्यकर खानपान हृदयाघात का कारण बन सकते हैं।

डांस नाइट्स से पहले रखें ये सावधानियाँ

अगर आप डांडिया और गरबा नाइट्स में भाग लेने जा रहे हैं, तो कुछ सावधानियाँ बरतना जरूरी है। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को कार्डियक स्क्रीनिंग करानी चाहिए, जिसमें ईसीजी, ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर शामिल हों। अगर आप शारीरिक रूप से फिट नहीं हैं, तो लंबे समय तक तीव्र नृत्य से बचें। गरबा दिखाने से पहले हल्का स्ट्रेचिंग करें, जिससे हृदय धीरे-धीरे सक्रिय हो और ज्यादा जोर लगाने के लिए तैयार हो। साथ ही खुद को हाइड्रेटेड रखें, क्योंकि भीड़ और नृत्य से पसीना निकलता है और हृदय पर दबाव बढ़ता है।

नवरात्रि में गरबा और डांडिया करते समय दिल की सुरक्षा बेहद जरूरी, जानें स्वामी रामदेव के आसान उपाय

बाबा रामदेव के उपाय अपनाएं

हृदय की सुरक्षा सिर्फ डांस नाइट्स तक सीमित नहीं है। पूरे दिन हृदय की देखभाल करना जरूरी है। योग गुरु स्वामी रामदेव के प्राकृतिक उपाय अपनाएं। ध्यान रखें कि जंक फूड, मोटापा, तनाव, कैल्शियम स्कोर 400 से अधिक, कुल कोलेस्ट्रॉल 200 से ऊपर, ब्लड प्रेशर और शुगर, नींद की कमी, पेनकिलर का अत्यधिक सेवन और धूम्रपान हृदयाघात का जोखिम कई गुना बढ़ा देते हैं। हृदय को मजबूत रखने के लिए रोजाना अर्जुन की छाल, 2 ग्राम दालचीनी और 5 तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीना लाभकारी है।

हृदय रोग के संकेतों पर रखें ध्यान

आपके पैरों की उंगलियों का सूजन, त्वचा का नीला होना, आंखों के किनारों का पीला पड़ना, नाखूनों का सूजना या मुड़ना, उंगलियों के नीचे गांठें, माथे की झुर्रियाँ, गर्दन की नसों का अत्यधिक खिंचना और जीभ का लाल-पीला होना—ये सभी हृदय रोग के संकेत हो सकते हैं। भारत में हृदय रोगियों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक है। हर साल हृदयाघात से 30,000 से अधिक लोगों की मृत्यु होती है।

नियमित जांच और जीवनशैली बनाए रखें

हृदय को स्वस्थ रखने के लिए नियमित जांच बहुत जरूरी है। महीने में एक बार ब्लड प्रेशर, छह महीने में कोलेस्ट्रॉल, तीन महीने में शुगर, छह महीने में आंखों की जांच और साल में एक बार फुल बॉडी चेकअप कराना लाभकारी है। इसके अलावा स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और योग का पालन करने से हृदय मजबूत रहता है और नवरात्रि में भी आप डांडिया और गरबा का आनंद सुरक्षित तरीके से ले सकते हैं।

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