सहारनपुर का ‘मिलर’ प्रशांत वीर: कैसे बना 14 करोड़ की बोली वाला खतरनाक ऑलराउंडर?

सहारनपुर के युवा क्रिकेटर प्रशांत वीर ने आईपीएल नीलामी में चेन्नई सुपर किंग्स द्वारा ₹14.20 करोड़ की रिकॉर्ड कीमत पर खरीदे जाने के बाद देशभर में धूम मचा दी है। यह अनकैप्ड खिलाड़ी के लिए अब तक की सबसे बड़ी बोली है। लेकिन इस सफर के पीछे छिपा है उनके कोच राजीव गोयल उर्फ टप्पू का वर्षों का समर्पण और मेहनत, जिन्होंने प्रशांत को परिवार जैसा माहौल दिया और उन्हें तकनीकी, मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतरीन ऑलराउंडर बनाया।
प्रशांत का सफर आसान नहीं था। अमेठी के रहने वाले इस खिलाड़ी को 2018 में कोच राजीव ने पहचाना। तब से प्रशांत सहारनपुर की उसी अकादमी में करीब 5-6 साल तक कड़ी मेहनत करते रहे। कोच राजीव बताते हैं कि उन्होंने प्रशांत को सिर्फ क्रिकेट ही नहीं सिखाया, बल्कि एक मजबूत और अनुशासित इंसान बनने में भी मदद की। यही वजह है कि आज प्रशांत को सहारनपुर का ‘मिलर’ कहा जाता है।
नीलामी के दिन कोच और साथियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। तीन दिन पहले प्रशांत ने मेहंदीपुर बालाजी जाकर अपने सपनों की पूर्ति के लिए मन्नत मांगी थी, जो अब पूरी हो गई। कोच और साथी उम्मीद जताते हैं कि प्रशांत जल्द ही भारतीय टीम का हिस्सा बनेगा।
प्रशांत वीर की कहानी छोटे शहरों के उन युवाओं के लिए एक प्रेरणा है, जो कठिनाइयों के बीच भी बड़े सपने देखते हैं। यह साबित करता है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी खिलाड़ी सितारा बन सकता है।


