World Speed Skating Champion 2025: 22 साल की उम्र में आनंदकुमार वेलकुमार ने रचा इतिहास – भारत का पहला विश्व स्वर्ण

World Speed Skating Champion 2025: कई लोग 22 साल की उम्र तक यह सोचने में लगे रहते हैं कि उन्हें जीवन में क्या करना चाहिए, लेकिन 22 वर्षीय आनंदकुमार वेलकुमार ने इस उम्र में इतिहास रच दिया। उन्होंने चीन में हो रही स्पीड स्केटिंग विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। इस जीत के बाद चीन में भारत का राष्ट्रीय गान बजाया गया। खास बात यह है कि आनंदकुमार ने इंजीनियरिंग दिवस के दिन अपने सुनहरे इतिहास को स्केटिंग की चोटी पर लिखा।
इंजीनियर और स्केटर का अद्भुत संगम
आनंदकुमार वेलकुमार ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और वे तमिलनाडु के छोटे से स्थान ग्यूंडी के रहने वाले हैं। इस युवा इंजीनियर खिलाड़ी ने 1000 मीटर स्प्रिंट इवेंट में 1:24.924 का समय लेकर गोल्ड मेडल जीतकर विश्व चैम्पियन का खिताब हासिल किया। इस जीत ने भारतीय खेलों और स्केटिंग की दुनिया में नई पहचान बनाई।
A 22 year old computer science engineer from Guindy has just won India a world speed skating gold! https://t.co/4AmIQak7Y2
— Joy Bhattacharjya (@joybhattacharj) September 15, 2025
दो पदक और नई उपलब्धि
आनंदकुमार वेलकुमार ने विश्व चैम्पियनशिप में यह दूसरी पदक जीत थी। स्वर्ण जीतने से एक दिन पहले उन्होंने 500 मीटर स्प्रिंट इवेंट में ब्रॉन्ज पदक हासिल किया, जो भारत के लिए सीनियर लेवल पर इस खेल में पहला विश्व चैम्पियनशिप पदक था। इस लगातार सफलता ने आनंदकुमार को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का गौरव दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
जूनियर कैटेगरी में भी गोल्ड
इससे पहले, कृष शर्मा ने जूनियर स्केटिंग इवेंट में 1000 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड मेडल जीतकर भारत के लिए इतिहास रचा। कृष ने भी इस उम्र में भारत के लिए पहला जूनियर लेवल गोल्ड जीता। इस तरह भारत ने स्पीड स्केटिंग विश्व चैम्पियनशिप में 1000 मीटर स्प्रिंट में जूनियर और सीनियर दोनों कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीतकर नए अध्याय की शुरुआत की।
भारतीय स्केटिंग का नया अध्याय
आनंदकुमार वेलकुमार और कृष शर्मा की यह उपलब्धि भारतीय स्केटिंग के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है। इनकी मेहनत, धैर्य और समर्पण ने यह दिखाया कि छोटे शहरों के युवा भी वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन कर सकते हैं। इस सफलता ने न केवल युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया बल्कि भारत की स्केटिंग टीम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दी है।



