संघर्ष से शहंशाही जीत तक: उन्नाव की बेटी मधु कश्यप ने रचा सुनहरा इतिहास
ओपन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 150 किलो भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर बढ़ाया जिले का मान

उन्नाव। नवाबगंज विकासखंड के इटकुटी गांव के मजरे विक्रमखेड़ा की होनहार बेटी मधु कश्यप ने अपने हौसले, मेहनत और मजबूत जज़्बे के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर उन्नाव जनपद का नाम रौशन किया है। हरियाणा के सोनीपत में 17 व 18 जनवरी को आयोजित ओपन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मधु ने 150 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह कामयाबी न सिर्फ एक खिलाड़ी की जीत है, बल्कि उन तमाम बेटियों के लिए पैग़ाम है जो मुश्किल हालात में भी अपने ख़्वाबों को ज़िंदा रखती हैं। प्रतियोगिता में देश के अलग–अलग राज्यों से आए तजुर्बेकार खिलाड़ियों के बीच मधु कश्यप ने बेहतरीन तकनीक, संतुलन और आत्मविश्वास का मुज़ाहिरा किया। निर्णायक लिफ्ट के दौरान जैसे ही उन्होंने वजन को सफलतापूर्वक उठाया, पूरा हॉल तालियों की गूंज से भर उठा। यह लम्हा उनके संघर्ष, सब्र और निरंतर अभ्यास की गवाही बन गया। मधु कश्यप, शत्रोहन की पुत्री हैं। उनके पिता मछली बेचकर परिवार का गुजर–बसर करते हैं, जबकि माता गुड़िया एक गृहिणी हैं। सीमित साधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मधु ने कभी हालात को अपने इरादों पर हावी नहीं होने दिया। समाजिक रुकावटें और संसाधनों की कमी उनके रास्ते में जरूर आईं, लेकिन उन्होंने मेहनत और अनुशासन से हर मुश्किल को मात दी। पांच बहनों में चौथे स्थान पर आने वाली मधु का एक भाई राजकुमार भी है। मधु की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे विक्रमखेड़ा गांव में खुशी और फख़्र का माहौल है। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर और ढोल–नगाड़ों के साथ बेटी की इस शानदार जीत का जश्न मनाया। मधु कश्यप की यह सफलता साबित करती है कि अगर नीयत साफ हो, जज़्बा बुलंद हो और मेहनत सच्ची हो, तो कोई भी मंज़िल दूर नहीं। आज वह केवल उन्नाव की बेटी नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन चुकी हैं। उनकी यह कामयाबी आने वाली पीढ़ियों को खेल के मैदान में आगे बढ़ने और देश का नाम रोशन करने की ताक़त देती रहेगी।#MadhuKashyap #UnnaoPride
— ब्यूरो चीफ: संदीप कुमार की रिपोर्ट


