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Budget 2026: निर्मला सीतारमण का रिकॉर्ड नौवां बजट, इस बार टीम में बड़े बदलाव हुए

Budget 2026: भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बार अपने करियर का रिकॉर्ड नौवां लगातार केंद्रीय बजट पेश करने की तैयारी कर रही हैं। इस बार बजट बनाने वाली टीम में कई बड़े बदलाव हुए हैं। उत्तर ब्लॉक के अनुभवी अधिकारी और कुछ नए सचिवों को मुख्य जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। खास बात यह है कि इस बार कोई औपचारिक वित्त सचिव नहीं है और बजट समन्वय की जिम्मेदारी आर्थिक मामलों की सचिव के पास है। यह बदलाव इस बजट प्रक्रिया को एक नया रूप दे रहा है। पिछले साल की तुलना में केवल चार अधिकारी ही अपनी पुरानी जगह बने हैं, जिससे बजट टीम का चेहरा काफी नया नजर आ रहा है।

बजट टीम का नेतृत्व और आर्थिक रणनीति

पूरी बजट प्रक्रिया की अगुवाई आर्थिक मामलों की सचिव अनुराधा ठाकुर कर रही हैं। वे पहली महिला अधिकारी हैं जो इस प्रक्रिया का नेतृत्व कर रही हैं और उत्तर ब्लॉक में उनका समन्वयात्मक रोल बेहद महत्वपूर्ण है। अनुराधा ठाकुर 1994 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और हिमाचल प्रदेश कैडर से हैं। उनके कंधों पर आर्थिक नीति, बजट निर्माण और पूंजी बाजार से जुड़ी जिम्मेदारियां हैं। उनकी विशेषज्ञता आर्थिक विकास, वित्तीय स्थिरता और कर्ज कम करने पर केंद्रित है। उन्होंने मनोविज्ञान में पोस्टग्रेजुएशन किया है और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (LSE) से विकास अर्थशास्त्र की पढ़ाई की है।

बजट टीम के अन्य प्रमुख सदस्य

वित्त मंत्रालय के मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन जनवरी 2022 से इस पद पर हैं और बजट टीम के सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं। वे आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के लेखक भी हैं और मैक्रोइकॉनॉमिक प्रोजेक्शन तथा नए कर्ज-से-जीडीपी फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं। राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव, जो 1994 बैच के आईएएस अधिकारी हैं, सीधे और अप्रत्यक्ष कर नीति की देखरेख करते हैं। उन्होंने बजट विभाग और प्रधानमंत्री कार्यालय में काम किया है और कस्टम ड्यूटी सुधार और GST में अहम भूमिका निभाई है। व्यय सचिव वी. वुअलनाम (1992 बैच, मणिपुर कैडर) सरकारी खर्च, पूंजीगत व्यय, सब्सिडी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं की निगरानी करते हैं। वे पहले नागरिक उड्डयन सचिव भी रह चुके हैं।

वित्तीय सेवाओं और निवेश प्रबंधन के प्रमुख अधिकारी

वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू (1993 बैच, त्रिपुरा कैडर) वित्त मंत्रालय में सबसे लंबे समय तक कार्यरत सचिव हैं। वे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में सुधार और ऋण प्रवाह बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। वहीं, DIPAM सचिव अरुनिष चावला (1992 बैच, बिहार कैडर) सरकार के निजीकरण और विनिवेश कार्यक्रम का नेतृत्व कर रहे हैं। वे PSU लिस्टिंग और रणनीतिक बिक्री के जरिए गैर-कर राजस्व बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। अरुनिष चावला ने LSE से अर्थशास्त्र में MSc और PhD की डिग्री हासिल की है। इस नए नेतृत्व के साथ वित्त मंत्रालय इस बार का बजट तैयार कर रहा है, जो आर्थिक स्थिरता और विकास के लक्ष्य के बीच संतुलन साधने का प्रयास करेगा।

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