Mathura Flood Update: वृंदावन के खादर इलाके में बाढ़ का कहर जारी, घरों में दलदल और दुर्गंध से लोग परेशान

Mathura Flood Update: यमुना का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे आने के बावजूद खदार क्षेत्र की कॉलोनियों में बाढ़ जैसी स्थिति अभी भी बनी हुई है। केशव नगर, ब्रह्मर्षि वाटिका, श्रीजीवाटिका, श्याम नगर, तुलसीवन और हुड्डांग नगर में घरों के भीतर पानी भरा हुआ था और अब यह धीरे-धीरे निकल रहा है। हालांकि कुछ इलाकों में घरों की ऊँचाई के कारण पानी बाहर निकल गया, लेकिन कई जगहों पर दो से तीन फीट तक पानी भरा हुआ है।
घर और सड़कें कीचड़ में डूबीं
पानी के साथ जो मिट्टी और गंदगी आई है, उसने कॉलोनियों को दलदल जैसी स्थिति में बदल दिया है। खासकर श्याम नगर के निचले हिस्सों, तुलसीवन के पीछे और मोहिनी नगर में स्थित घर अब भी पानी में डूबे हैं। घरों तक जाने वाली कच्ची सड़कें भी पानी और कीचड़ से भरी हैं, जिससे पैदल चलना मुश्किल हो गया है। कई जगहों पर पानी घुटनों तक पहुंच चुका है, जिससे लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

गंदगी और बदबू से मुश्किलें
सड़क पर भरे गंदे पानी में सड़ांध आने लगी है। लोगों को चोरी के डर के कारण घरों तक जाने के लिए इसी प्रदूषित पानी में गुजरना पड़ रहा है। जलजमाव के कारण बाहर की हवा में तेज बदबू फैल रही है, जो घरों के अंदर भी प्रवेश कर रही है। इस बदबू और कीचड़ ने कॉलोनियों में रहने वालों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और रोजमर्रा का जीवन कठिन बना दिया है।
निवासियों की समस्याएँ
श्यामकुटी कॉलोनी के निवासी बबलू, सोमप्रकाश और प्रवीण ने बताया कि यमुना का पानी भले ही उतर गया हो, लेकिन कॉलोनी की नीचाई और कच्ची सड़कें अभी भी पानी और कीचड़ से भरी हैं। बाढ़ के दौरान आई मिट्टी और गंदगी सड़क पर जमा हो गई है, जिससे घरों में रहना मुश्किल हो गया है। पानी और कीचड़ के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासनिक मदद की आवश्यकता
हालांकि कुछ इलाकों में पानी कम हो गया है, लेकिन कॉलोनियों को अभी भी राहत की आवश्यकता है। प्रशासन को कच्ची सड़कों की सफाई, कीचड़ हटाने और घरों से पानी निकालने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए। साथ ही प्रदूषित पानी और गंदगी के कारण स्वास्थ्य संकट को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए।


