उत्तर प्रदेश में कोटेदारों की तीन दिवसीय हड़ताल का ऐलान, राशन वितरण पर असर संभावित
इस दौरान प्रदेश भर में इ-पॉस मशीनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा

लखनऊ, 19 जुलाई 2025: ऑल इंडियन फेयर प्राइस शॉप डीलर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश ने राज्य सरकार की कथित कोटेदार विरोधी नीतियों के खिलाफ 20, 21 और 22 जुलाई 2025 को तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है। इस दौरान प्रदेश भर में इ-पॉस मशीनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा और राशन वितरण स्थगित रहेगा।
एसोसिएशन ने सरकार पर कोटेदारों के शोषण और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन और हड़ताल जैसे बड़े आंदोलन शुरू किए जाएंगे। कोटेदारों ने “करो या मरो” की नीति के तहत अपने हक की लड़ाई तेज करने का संकल्प लिया है।
मुख्य मांगें:
– कोटेदारों के शोषण और उत्पीड़न पर तत्काल रोक।
– कोटेदार विरोधी नीतियों में सुधार।
– राशन वितरण में गैर-जरूरी फीडबैक प्रणाली बंद करने की मांग।
– दिल्ली, हरियाणा, गोवा जैसे राज्यों की तर्ज पर उत्तर प्रदेश में कोटेदारों को ₹200 प्रति कुंतल कमीशन देने की व्यवस्था।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा, “यह हड़ताल सरकार को चेतावनी है। कोटेदार एकजुट हैं और अपने सम्मान की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएंगे।” प्रदेश महासचिव अशोक सिंह ने जोड़ा, “यह केवल शुरुआत है। मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।”
हड़ताल से प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। एसोसिएशन ने सभी कोटेदारों से हड़ताल में शामिल होने की अपील की है।यह हड़ताल उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था और कोटेदारों के भविष्य को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है।


