उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन को सशक्त बनाने हेतु मुख्यमंत्री की उपस्थिति में यूएनडीपी के साथ ऐतिहासिक समझौता
लखनऊ, 16 जुलाई 2025: उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी, समन्वित, वैज्ञानिक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में राहत आयुक्त कार्यालय, उत्तर प्रदेश और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता राज्य में डिजास्टर रिस्क रिडक्शन (डीआरआर) कार्यक्रमों को लागू करने, संस्थागत क्षमता को मजबूत करने और बहुस्तरीय आपदा प्रबंधन व्यवस्था को तकनीकी दृष्टिकोण पर आधारित बनाने की दिशा में एक नई शुरुआत है।
समारोह में यूएनडीपी की भारत प्रमुख एवं रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव डॉ. एंजेला लुसीगी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यूएनडीपी नीति निर्माण, योजना विकास और जमीनी कार्यान्वयन तक हर स्तर पर उत्तर प्रदेश सरकार के साथ सहयोग करेगा। डॉ. लुसीगी ने राज्य सरकार की आपदा प्रबंधन के प्रति प्रतिबद्धता को सराहा और हर संभव तकनीकी सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा प्रबंधन वर्तमान समय की अनिवार्य प्रशासनिक प्राथमिकता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि तकनीकी दक्षता, प्रशिक्षण और पूर्व तैयारी के समन्वय से आपदा के प्रभाव को कम किया जा सकता है। यह साझेदारी न केवल राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को विश्वस्तरीय बनाएगी, बल्कि शासन-प्रशासन को वैज्ञानिक निर्णय लेने में भी सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा कि यह प्रयास उत्तर प्रदेश को आपदा न्यूनीकरण के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में शामिल करेगा।
समझौते के प्रमुख बिंदु
यह समझौता उत्तर प्रदेश के सभी 75 जनपदों में जिला आपदा प्रबंधन योजनाओं और 15 विभागों की विभागीय आपदा प्रबंधन योजनाओं के विकास पर केंद्रित है। इसके अतिरिक्त, 20 प्रमुख शहरों में जोखिम और संवेदनशीलता का मूल्यांकन कर शहरी आपदा प्रबंधन योजनाएं विकसित की जाएंगी। तकनीकी स्तर पर, राज्य की आपदा सूचना प्रणाली को एकीकृत और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यशालाएं, मूल्यांकन अध्ययन, आवश्यक आईसीटी उपकरणों की उपलब्धता और राहत आयुक्त कार्यालय में परियोजना प्रबंधन यूनिट की स्थापना की जाएगी।
वित्तीय प्रावधान
इस कार्यक्रम के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने अगले तीन वर्षों में 19.99 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की है, जिसे चरणबद्ध तरीके से व्यय किया जाएगा। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की संस्तुति के अनुरूप लागू किया जाएगा, जिसने यूएनडीपी को तकनीकी सहयोग के लिए अधिकृत किया है।
मुख्यमंत्री का दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने इस साझेदारी को आपदा न्यूनीकरण के वैश्विक मानकों से जोड़ने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे जीवन, संपत्ति और अवसंरचना की रक्षा के लिए समेकित रणनीति पर काम करना सुगम होगा।
यह समझौता उत्तर प्रदेश को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो तकनीकी नवाचार और वैश्विक सहयोग के माध्यम से राज्य की आपदा प्रबंधन प्रणाली को और सशक्त बनाएगा।
स्रोत – सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग उत्तर-प्रदेश


