इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बड़ी गिरफ्तारी, बैंकॉक से आए दो भारतीयों के ट्रॉली बैग में 6.5 करोड़ का गांजा

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹6.5 करोड़ मूल्य की मारिजुआना जब्त की है। यह कार्रवाई 28 सितंबर को हुई जब दो भारतीय नागरिक बैंकॉक से लौट रहे थे। अधिकारियों ने स्पॉट प्रोफाइलिंग के आधार पर उन्हें रोका और व्यक्तिगत और सामान जांच के लिए दूसरी जगह भेजा।
संदिग्ध सामान की जांच में खुलासा
दोनों यात्रियों के पास नीले और मटमैले रंग के ट्रॉली बैग थे। जब इनकी जांच की गई तो 13 काले और पारदर्शी पॉलीथीन पैकेट में हरी नशीली दवा पाई गई। कुल वजन 6,554 ग्राम था। जांच में यह दवा प्राइमाफ़ेसी मारिजुआना प्रतीत हुई। इस कार्रवाई की जानकारी दिल्ली कस्टम्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की।

उड़ान और प्रोफाइलिंग का महत्व
दोनों यात्री बैंकॉक से TG-323 फ्लाइट से दिल्ली आए थे। कस्टम अधिकारियों ने उन्हें टर्मिनल 3 पर रोका और ग्रीन चैनल में सामान और व्यक्तिगत जांच की। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई स्पॉट प्रोफाइलिंग और अनुभव के आधार पर की गई। यदि सही समय पर जांच न होती तो बड़ी मात्रा में नशीली दवा देश में प्रवेश कर सकती थी।
कानून और NDPS अधिनियम के तहत मामला
इस मामले में यात्रियों पर एनडीपीएस एक्ट, 1985 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। अधिकारियों ने कहा कि यात्री ने धारा 8 के प्रावधानों का उल्लंघन किया। इसके अलावा, धारा 20, 23 और 29 के तहत अपराध भी किया। गिरफ्तारी धारा 43(b) के तहत की गई और नशीली दवाओं को जब्त कर लिया गया। इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि कस्टम अधिकारियों की सतर्कता और कानून का पालन कितना महत्वपूर्ण है।
कस्टम अधिकारियों की सतर्कता और भविष्य की कार्रवाई
कस्टम अधिकारियों ने इस कार्रवाई को सफल मानते हुए बताया कि लगातार निगरानी और प्रोफाइलिंग से ऐसे मामलों को रोका जा सकता है। अधिकारियों ने मछुआरों और यात्रियों को चेतावनी दी कि नशीली दवाओं के तस्करी में शामिल होने से बचे। इस तरह की कार्रवाई देश की सुरक्षा और युवा पीढ़ी को नशे से बचाने में अहम भूमिका निभाती है।



