PM Modi वाराणसी में मॉरीशस पीएम के साथ करेंगे द्विपक्षीय वार्ता और गंगा आरती में शामिल

PM Modi आज उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड का दौरा कर रहे हैं। इस दौरे के दौरान वे अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नविनचंद्र रामगूलम के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके बाद पीएम मोदी उत्तराखंड में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इस दौरे का उद्देश्य न केवल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेना है बल्कि विदेशी नेता के स्वागत के जरिए अंतरराष्ट्रीय संबंधों को मजबूत करना भी है।
वाराणसी में मॉरीशस पीएम का स्वागत
प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह 11:30 बजे वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नविनचंद्र रामगूलम का स्वागत करेंगे। इस मुलाकात में आर्थिक सहयोग और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री वाराणसी में गंगा आरती में भाग लेंगे और बाबा विश्वनाथ मंदिर का दर्शन भी करेंगे। यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को और मजबूती देने का अवसर माना जा रहा है।

गंगा आरती और मंदिर दर्शन
मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नविनचंद्र रामगूलम गंगा आरती में भाग लेंगे, जो वाराणसी की संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक है। इसके अलावा, वे बाबा विश्वनाथ मंदिर का भी दर्शन करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और मॉरीशस पीएम के बीच पर्यटन और संस्कृति से जुड़े पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। यह कदम दोनों देशों के बीच दोस्ताना संबंधों को और मजबूत करेगा।
उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण
वाराणसी में मॉरीशस पीएम का स्वागत करने के बाद पीएम मोदी देहरादून के लिए रवाना होंगे। वहां वे उत्तरकाशी और चमोली सहित उत्तराखंड के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस सर्वेक्षण के दौरान प्रभावित इलाकों का वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। यह कदम राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज़ करने में मदद करेगा।
उच्च स्तरीय बैठक और भविष्य की योजनाएं
सर्वेक्षण के बाद शाम 5 बजे पीएम मोदी उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में राहत कार्य, पुनर्वास योजनाओं और बाढ़ नियंत्रण के लिए रणनीतियों पर चर्चा होगी। मॉरीशस के प्रधानमंत्री वाराणसी में होने के कारण इस बैठक में शामिल नहीं होंगे, लेकिन उनकी यात्रा से दोनों देशों के राजनीतिक और आर्थिक संबंधों को भी बल मिलेगा।



