Pakistan Cricket में Danish Kaneria के साथ हुआ बड़ा भेदभाव, Shahid Afridi की करतूतें आईं सामने!

पूर्व पाकिस्तानी स्पिनर Danish Kaneria ने हाल ही में अपने करियर से जुड़ी एक बड़ी सच्चाई का खुलासा किया। Danish ने बताया कि टीम के कुछ खिलाड़ियों ने हमेशा उनका भेदभाव किया और लगातार उनका मानसिक उत्पीड़न किया। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उनका करियर लंबा नहीं चल सका। Danish ने अपने इंटरव्यू में बताया कि यह मामला इतना गंभीर था कि तत्कालीन राष्ट्रपति Pervez Musharraf को हस्तक्षेप करना पड़ा।
शाहिद अफरीदी और टीम के खिलाड़ियों का व्यवहार
Danish Kaneria ने अपने पॉडकास्ट में खुलासा किया कि पूर्व पाकिस्तान कप्तान Shahid Afridi ने उनका अक्सर उत्पीड़न किया। उन्होंने कहा कि Afridi उनके धर्म का मजाक उड़ाते और विवादित बातें कहते, जिससे Danish काफी परेशान रहते। Danish ने बताया कि टीम के अन्य खिलाड़ी भी उन्हें टीम में खेलने नहीं देना चाहते थे और उनका करियर प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
View this post on Instagram
राष्ट्रपति का हस्तक्षेप
Danish के अनुसार, तत्कालीन राष्ट्रपति Pervez Musharraf ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और टीम के सभी खिलाड़ियों को फोन पर चेतावनी दी। Musharraf ने कहा कि जो भी Danish Kaneria का उत्पीड़न करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा और वे खुद उसे दंडित करेंगे। Danish ने बताया कि टीम के खिलाड़ियों को डर था कि अगर वह अच्छे प्रदर्शन करेंगे, तो वह रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं और टीम में अपनी पहचान बना सकते हैं।
टेस्ट क्रिकेट में अद्भुत प्रदर्शन
Danish Kaneria ने पाकिस्तान के लिए 10 साल तक क्रिकेट खेली और इस दौरान उन्होंने 61 टेस्ट मैचों में 112 इनिंग्स में 261 विकेट लिए। वह पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर हैं और इस लिस्ट में चौथे स्थान पर हैं। उनके ऊपर केवल पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज Wasim Akram, Waqar Younis और Irman Khan हैं। इसके अलावा, Danish ने 18 वनडे मैचों में 15 विकेट भी लिए हैं।
संघर्ष और प्रेरणा
Danish Kaneria की कहानी न सिर्फ क्रिकेट प्रेमियों के लिए बल्कि सभी के लिए प्रेरणादायक है। भले ही उन्होंने भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न का सामना किया, उन्होंने क्रिकेट में अपना योगदान देकर इतिहास रचा। उनका संघर्ष और सफलता यह दर्शाती है कि कठिन परिस्थितियों के बावजूद मेहनत और प्रतिभा से सफलता हासिल की जा सकती है। Danish की यह कहानी हर युवा खिलाड़ी को आत्मविश्वास और साहस देती है।



