यूपी-112 की ‘सवेरा’ योजना: वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा का मजबूत कदम
इसका मुख्य उद्देश्य अकेले रहने वाले बुजुर्गों को त्वरित सहायता प्रदान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की आपातकालीन सेवा यूपी-112 ने वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और देखभाल के लिए ‘सवेरा’ योजना शुरू की है, जो बुजुर्गों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना के तहत 16 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को लाभ मिल चुका है, और पंजीकरण अभियान अभी भी जोर-शोर से चल रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अकेले रहने वाले बुजुर्गों को त्वरित सहायता प्रदान करना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
‘सवेरा’ योजना के अंतर्गत, 60 वर्ष से अधिक आयु के नागरिक अपना पंजीकरण यूपी-112 के हेल्पलाइन नंबर 112, मोबाइल ऐप, या स्थानीय पुलिस स्टेशन के माध्यम से कर सकते हैं। पंजीकरण के बाद, पुलिस नियमित रूप से उनके घरों का दौरा करती है, उनकी समस्याएं सुनती है, और आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्रदान करती है। यह योजना खासकर उन बुजुर्गों के लिए लाभकारी है जो अपने परिवार से दूर रहते हैं या जिनके पास तत्काल सहायता का कोई साधन नहीं है।
यूपी-112 की इस पहल में तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। पंजीकृत वरिष्ठ नागरिकों को एक यूनिक आईडी प्रदान की जाती है, जिसके जरिए उनकी जानकारी पुलिस के डेटाबेस में सुरक्षित रहती है। आपातकाल में, जैसे चिकित्सा संकट, चोरी, या अन्य खतरे, यूपी-112 की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचती हैं। इसके अलावा, योजना के तहत सामुदायिक पुलिसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसमें स्थानीय लोग भी बुजुर्गों की मदद के लिए प्रोत्साहित किए जाते हैं।
यूपी पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस योजना ने न केवल बुजुर्गों का भरोसा जीता है, बल्कि अपराधों की रोकथाम में भी मदद की है। कई जिलों में पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ बैठकें आयोजित की हैं, ताकि उनकी समस्याओं को समझा जा सके और योजना को और प्रभावी बनाया जा सके। ‘सवेरा’ योजना उत्तर प्रदेश पुलिस की संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व का एक उल्लेखनीय उदाहरण है।


