सिरौलीगौसपुर की पूजा पाल ने जापान में लहराया भारत का परचम
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के सिरौलीगौसपुर क्षेत्र के गांव अगेहरा की कक्षा 8 की छात्रा पूजा पाल ने अपनी प्रतिभा से भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंच पर रोशन किया है। मात्र 14 वर्ष की उम्र में पूजा ने एक अनूठा धूल रहित थ्रेशर मॉडल विकसित किया, जिसे जापान में आयोजित एक वैज्ञानिक प्रदर्शनी में सराहना मिली। इस मॉडल की लागत केवल ₹3,000 है, जो इसे छोटे और मझोले किसानों के लिए किफायती बनाता है।
पूजा का यह मॉडल पारंपरिक थ्रेशर मशीनों से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करता है, जिससे किसानों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से राहत मिलेगी। इस नवाचार में एक विशेष फिल्टर सिस्टम शामिल है, जो धूल को नियंत्रित करता है और फसल की गुणवत्ता को बनाए रखता है। पूजा ने बताया कि गाँव में किसानों की समस्याओं को देखकर उन्हें यह विचार आया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल स्थानीय समुदाय बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
जापान में प्रदर्शनी के दौरान विशेषज्ञों ने पूजा के मॉडल की सादगी और उपयोगिता की प्रशंसा की। पूजा अब इसे बड़े पैमाने पर विकसित करने की योजना बना रही हैं, ताकि अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

