IIIT-प्रयागराज ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए उठाया क्रांतिकारी कदम
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IIIT), प्रयागराज ने ऑटिज्म से पीड़ित बच्चों के लिए एक क्रांतिकारी इंटरैक्टिव गेमिंग रोबोट विकसित किया है, जो सामाजिक और संज्ञानात्मक कौशल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह रोबोट विशेष रूप से ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) से प्रभावित बच्चों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, जो अक्सर संवाद और सामाजिक अंतर्क्रिया में चुनौतियों का सामना करते हैं।
यह गेमिंग रोबोट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और मशीन लर्निंग तकनीकों से लैस है, जो इसे बच्चों के व्यवहार और प्रतिक्रियाओं को समझने में सक्षम बनाता है। यह रोबोट बच्चों के साथ गेम-आधारित गतिविधियों के माध्यम से संवाद करता है, जो उनके संचार कौशल, भावनात्मक समझ, और सामाजिक व्यवहार को बेहतर करने में मदद करता है। रोबोट की इंटरैक्टिव प्रकृति बच्चों को सुरक्षित और आकर्षक माहौल में सीखने का अवसर प्रदान करती है, जिससे उनकी आत्मविश्वास और रुचि बढ़ती है। IIIT-प्रयागराज के इस नवाचार का उद्देश्य ऑटिज्म सेपीड़ित बच्चों के लिए शिक्षा और थेरेपी को अधिक समावेशी बनाना है। यह तकनीक न केवल बच्चों के लिए बल्कि उनके परिवारों और शिक्षकों के लिए भी सहायक सिद्ध हो सकती है। इस रोबोट का विकास भारत में तकनीकी प्रगति और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भविष्य में, इस तरह की तकनीकों का उपयोग अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल विकारों के लिए भी किया जा सकता है।

