UP News: चित्रकूट में 14 वर्षीय आयुष का अपहरण के बाद कत्ल, फिरौती न मिलने पर हत्या

UP News: चित्रकूट जिले से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है। बरगढ़ थाना क्षेत्र के एक कस्बे में कपड़ा व्यापारी के 14 वर्षीय बेटे आयुष का अपहरण कर बदमाशों ने बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। जानकारी के अनुसार, आयुष का अपहरण करने के बाद आरोपियों ने परिजनों से 40 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। परिजन किसी तरह इस भारी रकम का इंतजाम नहीं कर सके। फिरौती न मिलने पर बदमाशों ने मासूम आयुष का गला घोंटकर उसकी जान ले ली। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे इलाके में गहरा शोक और गुस्सा देखने को मिल रहा है।
शव को बक्से में छिपाया, इलाके में फैली सनसनी
हत्या के बाद आरोपियों की हैवानियत यहीं नहीं रुकी। उन्होंने आयुष के शव को एक बक्से में बंद कर ठिकाने लगाने की कोशिश की। जब पुलिस को शव बरामद होने की जानकारी मिली, तो पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मासूम की निर्मम हत्या से आक्रोशित स्थानीय लोगों ने आयुष का शव रखकर प्रयागराज चित्रकूट नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। देखते ही देखते हाईवे पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। मौके पर हालात बिगड़ते देख कई थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया गया। पुलिस ने लोगों को समझाने बुझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन और स्थानीय लोग न्याय की मांग पर अड़े रहे।

जंगल में पुलिस मुठभेड़, एक आरोपी की मौत
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। इसी दौरान पुरानु बाबा के जंगल में पुलिस और अपहरण के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में दोनों आरोपियों को गोली लगी। इस दौरान कल्लू नाम के आरोपी की मौत हो गई, जबकि इरफान नाम का आरोपी घायल हो गया। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने भागने की कोशिश की और जवाबी कार्रवाई में यह मुठभेड़ हुई। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी मृतक आयुष के पिता की दुकान पर ही काम करते थे, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील बन गया है।
पुलिस पर लापरवाही के आरोप, तनावपूर्ण माहौल बरकरार
घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। आक्रोशित भीड़ पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए लगातार प्रदर्शन कर रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने सख्ती दिखाई होती तो मासूम की जान बच सकती थी। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी राजेश भी मौजूद हैं। प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है। प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे हैं। फिलहाल क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है, लेकिन लोगों का आक्रोश अभी शांत नहीं हुआ है। यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर रही है कि आखिर कब ऐसे मासूम सुरक्षित रह पाएंगे।


