UP News: नोएडा में डूबे इंजीनियर का वायरल हुआ वीडियो, मोबाइल की टॉर्च में छुपा सच

UP News: उत्तर प्रदेश के नोएडा में इंजीनियर युवराज मेहता की डूबने से हुई मौत का मामला अभी भी सक्रिय है। इस घटना के बाद कई अधिकारियों को सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ा है और कई को नोटिस भी जारी किए गए हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस मामले का संज्ञान लिया है और कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में एक नया अपडेट आया है जिसमें मृतक युवराज मेहता का अंतिम वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह पानी में मोबाइल फोन की टॉर्च जलाते हुए नजर आ रहे हैं, इसके बाद उनकी डूबने की घटना हुई।
युवराज मेहता का अंतिम वीडियो आया सामने
युवराज मेहता का वीडियो नोएडा सेक्टर 150 का है, जो उनकी मौत से कुछ समय पहले का है। वीडियो में युवराज एक वाहन की छत पर बैठे हुए हैं और उनका मोबाइल फोन की टॉर्च जल रही है। इस दौरान फायर विभाग के कर्मी पानी में उतर रहे हैं। वीडियो में सुनी जा सकती आवाजें कहती हैं, “बहुत अच्छा दोस्त, पानी बहुत गहरा है बेटा? इंतजार करो, दूसरा वाहन भी बुलाया गया है।” यह वीडियो घटना की गंभीरता और बचाव कार्य की स्थिति को उजागर करता है।
योगी सरकार ने कड़ी कार्रवाई शुरू की
इस घटना को लेकर योगी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो मामले की जांच कर रही है। SIT ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में समीक्षा बैठक की और घटना स्थल का निरीक्षण किया। जांच टीम को पांच दिन के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले रियल एस्टेट कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। अमसेड विशटाउन प्राइवेट लिमिटेड और लोटस ग्रीन के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं, और अमसेड विशटाउन के मालिक अभय कुमार को हिरासत में लिया गया है। जांच में पता चला है कि घटना स्थल पर बाड़बंदी और सुरक्षा इंतजामों में गंभीर कमियां थीं।
जूनियर इंजीनियर निलंबित, अन्य अधिकारियों को नोटिस
नोएडा प्राधिकरण के एक जूनियर इंजीनियर को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है। साथ ही, जिम्मेदार अन्य अधिकारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। बिल्डर्स और प्लॉट मालिकों को भी सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के लिए नोटिस भेजे गए हैं। युवराज मेहता की मौत से जुड़े इस मामले में दूसरी FIR भी दर्ज की गई है, जिसमें लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन और विशटाउन कंपनी के शेयरधारकों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने इस FIR में कुल पांच शेयरधारकों के नाम शामिल किए हैं।


