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General Upendra Dwivedi: भारत ने आतंकियों के ठिकानों पर किया प्रहार, ऑपरेशन सिंदूर में कोई नागरिक हताहत नहीं

भारतीय सेना के प्रमुख General Upendra Dwivedi ने मंगलवार, 26 नवंबर को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट तौर पर कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी भी जारी है। उन्होंने पाकिस्तान को चुनौती देते हुए चेतावनी दी कि अगर कोई भी भविष्य में कोई गलत हरकत करता है तो उसे उसका सटीक और कड़ा जवाब दिया जाएगा। जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की तीनों सेनाओं- थलसेना, वायुसेना और नौसेना की शानदार तालमेल का जीवंत उदाहरण है।

आतंकवादी कैंपों की जानकारी और कार्रवाई

सेना प्रमुख ने कहा कि उनके पास मौजूद जानकारी के अनुसार लगभग आठ सक्रिय आतंकवादी कैंप पाकिस्तान के अंदर मौजूद हैं। इनमें से दो कैंप इंटरनेशनल बॉर्डर (आईबी) सेक्टर में और छह लाइन ऑफ कंट्रोल (एलओसी) सेक्टर में स्थित हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाना था न कि किसी नागरिक या सैन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर को। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान के लंबे समय से खड़े किए गए आतंकवादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया है और उसके परमाणु खतरे को भी काफी हद तक बेअसर किया है।

ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और रणनीति

जनरल द्विवेदी ने ऑपरेशन सिंदूर को बेहद सटीक योजना और कुशलता से अंजाम दिया गया बताया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन कुल 88 घंटों में पूरा हुआ जिसमें मुख्य हमले पहले 22 मिनट के अंदर शुरू हो गए थे। इस तेज और निर्णायक कार्रवाई से सेना ने सात में से नौ आतंकवादी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन ने न केवल आतंकवादी नेटवर्क को नुकसान पहुंचाया बल्कि यह भी साबित किया कि भारतीय सेना किसी भी परिस्थिति में जमीन पर भी पूरी तरह तैयार है।

भविष्य की चुनौतियों के लिए सेना का दृष्टिकोण

जनरल द्विवेदी ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा कि अगर वह फिर से कोई आतंकवादी गतिविधि करता है या सीमा पर कोई चुनौती देता है तो भारतीय सेना उससे मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने देशवासियों से आह्वान किया कि वे देश की सुरक्षा के लिए सेना के प्रयासों में विश्वास रखें और सैनिकों का मनोबल बनाएं। ऑपरेशन सिंदूर से यह भी साफ हो गया है कि भारत की सेना आधुनिक रणनीति और बेहतर तालमेल से हर खतरे का सामना करने के लिए तत्पर है।

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