UP SIR Draft Voter List जारी, लाखों वोटरों के नाम कटे, जानें दावा करने की आखिरी तारीख

UP SIR Draft Voter List: उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया के पहले चरण के बाद ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। इस सूची में करीब दो करोड़ नवासी लाख मतदाताओं के नाम हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियां इस ड्राफ्ट लिस्ट पर करीबी नजर बनाए हुए थीं क्योंकि आने वाले चुनावों के लिहाज से यह सूची बेहद अहम मानी जा रही है। जिन मतदाताओं के नाम इस ड्राफ्ट सूची में नहीं हैं उन्हें छह फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया गया है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। चुनाव आयोग इससे पहले इस प्रक्रिया की समयसीमा को दो बार बढ़ा चुका है और अंतिम तारीख इकतीस दिसंबर तय की गई थी। आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ की गई है ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और शुद्ध बनाया जा सके।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नाम कैसे जांचें
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में है या नहीं तो इसके लिए आपको उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट पर पहुंचने के बाद आपको ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल 2026 के विकल्प पर क्लिक करना होगा जो एक पॉप अप विंडो में दिखाई देगा। इसके बाद एक नया पेज खुलेगा जहां आपको अपना जिला और विधानसभा क्षेत्र चुनना होगा। इसके साथ ही कैप्चा कोड भरना होगा। सारी जानकारी भरने के बाद आप अपने मतदान केंद्र यानी पोलिंग बूथ की पीडीएफ फाइल डाउनलोड कर सकते हैं। इसी पीडीएफ में आप अपना नाम खोजकर यह पुष्टि कर सकते हैं कि आप ड्राफ्ट सूची में शामिल हैं या नहीं। चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया इसलिए सरल रखी है ताकि आम नागरिक बिना किसी परेशानी के अपनी जानकारी खुद जांच सकें।
नाम नहीं होने पर दस्तावेज कैसे जमा करें
अगर ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में आपका नाम नहीं है तो घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मतदाताओं को फॉर्म छह भरकर अपना नाम जोड़ने का मौका दिया गया है। यह फॉर्म आप ऑनलाइन भी भर सकते हैं या फिर अपने इलाके के बूथ लेवल ऑफिसर को सीधे जमा कर सकते हैं। जन्म तिथि के प्रमाण के लिए दसवीं की मार्कशीट जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट मान्य हैं। पते के प्रमाण के लिए राशन कार्ड आधार कार्ड या बैंक पासबुक का इस्तेमाल किया जा सकता है। पहचान के लिए पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस मान्य दस्तावेज हैं। आयोग ने साफ किया है कि अगर कोई मतदाता सही दस्तावेजों के साथ आवेदन करता है तो उसका नाम निश्चित रूप से अंतिम वोटर लिस्ट में जोड़ा जाएगा। इसके लिए मतदाताओं को एक महीने का समय दिया गया है।
कुल मतदाता और राजनीतिक विवाद
ड्राफ्ट सूची के अनुसार उत्तर प्रदेश में अब कुल बारह करोड़ पचपन लाख मतदाता दर्ज हैं जबकि करीब दो करोड़ नवासी लाख नाम हटाए गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में नहीं आए हैं उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है। सभी पात्र मतदाताओं को पूरा अवसर दिया जाएगा और जरूरी दस्तावेज देने पर उनके नाम जोड़ दिए जाएंगे। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों ने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि एसआईआर प्रक्रिया का इस्तेमाल गरीबों और अल्पसंख्यकों के वोट हटाने के लिए किया गया है। हालांकि चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करते हुए कहता है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत और निष्पक्ष तरीके से की गई है। अब सबकी नजरें छह फरवरी के बाद आने वाली अंतिम वोटर लिस्ट पर टिकी हुई हैं।


