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Contaminated water crisis: इलाज के बाद भी बिगड़ रही हालत इंदौर में 20 प्रतिशत मरीज दोबारा भर्ती

Contaminated water crisis: देश के सबसे साफ शहर के तमगे वाले इंदौर में हालात डरावने हो चुके हैं। भगीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल के कारण अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है और एक हजार से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि सात दिन बीत जाने के बाद भी नगर निगम नर्मदा का साफ पानी लोगों तक नहीं पहुंचा सका है। पूरा इलाका अब भी टैंकरों के भरोसे है। शनिवार को जब एक टैंकर में काई और जंग मिला पानी पहुंचा तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए लोगों ने टैंकर को बिना पानी बांटे ही लौटा दिया। इस पूरे मामले ने नगर निगम की व्यवस्था और दावों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।

लगातार बढ़ रहे मरीज और कोलेरा का खतरा

शनिवार को उल्टी और दस्त के 65 नए मामले सामने आए। इनमें से 15 मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा जबकि बाकी को प्राथमिक इलाज के बाद घर भेजा गया। फिलहाल 149 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से 20 की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैं। नेशनल हेल्थ मिशन की टीम ने इलाके का दौरा किया और मरीजों से मुलाकात की। अब कोलेरा की आशंका भी गहराने लगी है। शनिवार को 13 साल के एक बच्चे में कोलेरा की पुष्टि हुई। अब तक यह साफ नहीं हो सका है कि मल से दूषित पानी लोगों तक कैसे पहुंचा। इस अनिश्चितता ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ा दी है।

किडनी और लिवर तक फैल रहा संक्रमण

कई मरीजों में संक्रमण अब किडनी और लिवर तक पहुंच गया है। अस्पताल में भर्ती संतोष बाई की किडनी में संक्रमण बताया गया है। वहीं 17 साल के पवन को लिवर इंफेक्शन हो गया है। ये मरीज निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। सबसे डराने वाली बात यह है कि छुट्टी मिलने के बाद भी करीब 20 प्रतिशत मरीजों को दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। इससे मरीजों और उनके परिवारों में दहशत का माहौल है। परिजन बताते हैं कि घर पर डॉक्टरों की हर सलाह मानी जा रही है। दवाएं समय पर दी जा रही हैं और सिर्फ उबला हुआ पानी पिलाया जा रहा है। इसके बावजूद हालत में सुधार नहीं हो रहा। राजनी नाम की महिला को तीन दिन अस्पताल में रखने के बाद छुट्टी दी गई लेकिन अगले ही दिन उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे फिर भर्ती कराना पड़ा।

राजनीतिक टकराव और जांच में चौंकाने वाले खुलासे

भगीरथपुरा में हालात को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। शनिवार को कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर टकराव हुआ। कांग्रेस नेता प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे थे लेकिन बीजेपी कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। नारेबाजी धक्का मुक्की और जूते चप्पल तक चले। पुलिस ने हालात काबू में करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और दो विधायकों समेत 45 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। एमजीएम मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट में पानी में ई कोलाई और शिगेला जैसे खतरनाक बैक्टीरिया पाए गए हैं। कोलकाता से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बैक्टीरियोलॉजी की टीम भी जांच के लिए इंदौर पहुंच चुकी है। नेशनल हेल्थ मिशन की एमडी डॉ सलोनी सिदाना ने अस्पतालों का दौरा कर इलाज व्यवस्था दवाओं की उपलब्धता और दवा की खुराक की समीक्षा की। उन्होंने डॉक्टरों को निर्देश दिए कि ओआरएस उबले पानी में ही घोलकर देने की सलाह दी जाए। पूरे शहर की नजर अब जांच रिपोर्ट और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

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