UP News: मुख्यमंत्री योगी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र- बुंदेलखंड किलों की सुरक्षा और विकास राज्य सरकार के अधीन करने की जोरदार अपील

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने बुंदेलखंड के किलों की सुरक्षा और विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महत्वपूर्ण अनुरोध किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पीएम को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के किलों की सुरक्षा पुरातत्व सर्वेक्षण भारत (ASI) से राज्य सरकार को सौंप दी जाए ताकि उन्हें बेहतर ढंग से विकसित किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना है।
पर्यटन और विकास के लिए किलों की मांग
राज्य पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के पत्र में उन किलों और स्थलों का उल्लेख किया गया है, जो पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। इनमें तालबेहट किला (ललितपुर), कालिंजर किला (बांदा), मदफा (चित्रकूट) और बरुआ सागर घाट सीढ़ियां (झांसी) शामिल हैं। पत्र में अनुरोध किया गया है कि प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल अधिनियम, 1958 के तहत इन किलों की सुरक्षा राज्य सरकार को हस्तांतरित की जाए।

बुंदेलखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर
जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि बुंदेलखंड ने भारत की संस्कृति और सभ्यता के विकास में अमूल्य योगदान दिया है। यह क्षेत्र वीरता की कहानियों से भरा हुआ है। यहां की भूमि शैक्षिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। हालांकि कुछ कारणों से 2014 तक इस क्षेत्र की उपेक्षा होती रही।
मानव गतिविधियां और किलों का निर्माण
मंत्री ने यह भी बताया कि बुंदेलखंड में मानव गतिविधियां प्राचीन काल से चलती आ रही हैं। उन्होंने समझाया कि समय के साथ गुप्त और चंदेला शासकों ने यहां कई मंदिर और किले बनाए। इनमें से कुछ किले वर्तमान में ASI की सुरक्षा में हैं। राज्य सरकार अब इन किलों की सुरक्षा और विकास की जिम्मेदारी लेने का इरादा रखती है। इसका उद्देश्य न केवल पर्यटन बढ़ाना है बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करना भी है।
ASI और उसकी भूमिका
ASI का पूरा नाम Archaeological Survey of India है। यह संगठन देश के ऐतिहासिक इमारतों और स्मारकों के संरक्षण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है। इसके अलावा यह प्राचीन वस्तुओं का अध्ययन भी करता है। ASI की स्थापना 1861 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुई थी। राज्य सरकार की यह पहल ASI के संरक्षण के तहत आने वाले किलों को और बेहतर विकसित करने और स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों का हिस्सा है।


