50 मौतों के बाद नेपाल में राजनीतिक हलचल, ओली के इस्तीफे के बाद नेपाल में शांति की नई उम्मीद, मोदी ने दी बड़ी प्रतिक्रिया

नेपाल की राजनीतिक स्थिति में हाल के महीनों में काफी उथल-पुथल देखने को मिली है। 12 सितंबर 2025 को नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशिला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई दी और नेपाल में शांति और स्थिरता की कामना की। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि “सुशिला कार्की को नेपाल की अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री पद ग्रहण करने पर बधाई। भारत हमेशा नेपाल के लोगों की शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
जन आंदोलनों से सत्ता परिवर्तन
नेपाल में सत्ता परिवर्तन के पीछे लंबे समय से चल रहे जन आंदोलन का बड़ा हाथ है। शुरुआत में यह आंदोलन सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुआ था। लेकिन धीरे-धीरे यह भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़े आंदोलन का रूप ले लिया। खासकर ओली सरकार के खिलाफ यह आंदोलन ज़ोर पकड़ने लगा। पुलिस की क्रूर कार्रवाई में 20 से अधिक लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर छात्र थे, और सैकड़ों लोग घायल हुए। इस बढ़ते दबाव और जनता के विरोध के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देना पड़ा।

हिंसा और दंगे का दौर
ओली के इस्तीफे के बाद भी नेपाल में हिंसा थमी नहीं। मंगलवार को कई शहरों, विशेषकर काठमांडू में हिंसक प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन, राजनीतिक नेताओं के आवास और अन्य सरकारी इमारतों में आग लगा दी। स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और सेना को हस्तक्षेप करना पड़ा। इन हिंसक घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की जान चली गई। देश में तनाव और अशांति ने नेपाल की स्थिरता और सुरक्षा पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए।
भारत की प्रतिक्रिया और समर्थन
नेपाल भारत का पड़ोसी देश है और दोनों देशों के बीच हमेशा घनिष्ठ संबंध रहे हैं। इस परिस्थिति में भारत ने नेपाल की शांति और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत नेपाल के विकास और नागरिकों की भलाई के लिए हमेशा सहयोग करता रहेगा। पीएम मोदी ने हालात पर चर्चा करने के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी की बैठक की। भारत की सरकार ने नेपाल में सुरक्षा और शांति बहाल करने के प्रयासों में समर्थन देने का आश्वासन दिया।
सुशिला कार्की के नेतृत्व में नई उम्मीद
सुशिला कार्की के प्रधानमंत्री बनने के साथ नेपाल में नई उम्मीद जगी है। उनकी न्यायपालिका में लंबी सेवा और निष्पक्षता को देखते हुए लोग आशावादी हैं कि देश में स्थिरता और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे। भारत ने भी स्पष्ट किया कि वह नेपाल के साथ मिलकर शांति, विकास और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा। अब नेपाल की जनता और पड़ोसी देशों की निगाहें नई सरकार की नीतियों और दिशा पर टिकी हैं, जिससे भविष्य में देश में स्थिरता और प्रगति की उम्मीद है।



