उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का प्रकोप: प्रशासन अलर्ट, सख्त कदम उठाए गए

रामपुर जिले के सिहोर गांव में एक पोल्ट्री फार्म में 15,000 से अधिक मुर्गियों की अचानक मौत के बाद जांच में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई

उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) के बढ़ते खतरे ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर ला दिया है। रामपुर जिले के सिहोर गांव में एक पोल्ट्री फार्म में 15,000 से अधिक मुर्गियों की अचानक मौत के बाद जांच में H5N1 वायरस की पुष्टि हुई, जिसने पूरे राज्य में हड़कंप मचा दिया है। इसके अलावा, गोरखपुर के शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान में एक दो साल की बाघिन ‘शक्ति’ की मौत भी बर्ड फ्लू से होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद राज्य में सतर्कता और बढ़ गई है।

प्रशासन के त्वरित कदम रामपुर जिला प्रशासन ने बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए तत्काल प्रभाव से 21 दिनों के लिए चिकन, अंडों, और अन्य पोल्ट्री उत्पादों की बिक्री और परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है। मृत मुर्गियों को बड़े गड्ढों में दफनाकर संक्रमण को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। पड़ोसी जिले बरेली में भी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने अलर्ट जारी किया है और पोल्ट्री फार्मों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बर्ड फ्लू के खतरे को गंभीरता से लेते हुए सभी चिड़ियाघरों, पक्षी अभयारण्यों, राष्ट्रीय उद्यानों, आर्द्रभूमियों, और गौशालाओं में सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नियमित सैनिटाइजेशन, ब्लो-टॉर्चिंग, और सभी जानवरों व पक्षियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच पर जोर दिया है। कर्मचारियों को PPE किट और विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने के साथ-साथ पोल्ट्री फार्मों की कड़ी निगरानी और पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही पर सख्त नियंत्रण का आदेश दिया गया है।

चिड़ियाघरों पर असर बर्ड फ्लू के बढ़ते खतरे को देखते हुए लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, और इटावा के चिड़ियाघरों और लायन सफारी को सात दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। गोरखपुर में बाघिन की मौत के बाद वन विभाग ने विशेष सतर्कता बरती है।

बर्ड फ्लू क्या है और इसके लक्षण– बर्ड फ्लू, या एवियन इन्फ्लूएंजा, मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करने वाला एक वायरल संक्रमण है, लेकिन यह मनुष्यों में भी फैल सकता है। H5N1 स्ट्रेन इसका सबसे आम रूप है। यह पहली बार 1997 में हांगकांग में मनुष्यों में पाया गया था। इसके लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, सांस की तकलीफ, थकान, नाक बहना, और गले में खराश शामिल हैं। हाल ही में अमेरिका में बर्ड फ्लू से एक व्यक्ति की मौत की खबर ने इसकी गंभीरता को और उजागर किया है।

प्रशासन की लापरवाही की शिकायत रामपुर में सील किए गए क्षेत्रों में निगरानी के लिए तैनात कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। प्रशासन ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को बर्ड फ्लू के मानव स्वास्थ्य पर संभावित प्रभावों का गहन अध्ययन करने और एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय संस्थानों जैसे केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र, और भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (बरेली) के साथ समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है।

आम जनता के लिए सलाह स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग चिकन और अंडे खाने से पहले उन्हें अच्छी तरह पकाएं और पोल्ट्री फार्मों के आसपास सावधानी बरतें। बर्ड फ्लू के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

उत्तर प्रदेश में बर्ड फ्लू का खतरा गंभीर है, लेकिन योगी सरकार और प्रशासन के त्वरित कदमों से इसे नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। रामपुर और गोरखपुर के मामलों ने राज्य में सतर्कता को और बढ़ा दिया है। आम जनता से अपील है कि वे सावधानी बरतें और प्रशासन के दिशानिर्देशों का पालन करें।

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