प्रयागराज में गंगा यमुना का बढ़ा जलस्तर
प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। गंगा का जलस्तर 86 मीटर के करीब पहुंच चुका है, जो खतरे के निशान 84.73 मीटर से काफी ऊपर है, जबकि यमुना भी 1.20 मीटर की वृद्धि के साथ उफान पर है। इससे 14 मोहल्लों और 52 गांवों में पानी घुस गया है, जिससे हजारों घर प्रभावित हुए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए एनडीआरएफ और सीडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं। लगभग तीन दर्जन नावें संचालित की जा रही हैं ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। राहत शिविरों में 1,000 से अधिक लोग शरण ले चुके हैं। बांध में रिसाव की खबरों ने भी प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, जिसे रोकने के लिए बालू की बोरियों का उपयोग किया जा रहा है। लगातार बारिश और हिमालयी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण जलस्तर में और वृद्धि की आशंका है।
दूसरी ओर, गोंडा में एक दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। रविवार सुबह इटियाथोक थाना क्षेत्र के रेहरा गांव के पास एक बोलेरो, जिसमें 15 लोग सवार थे, अनियंत्रित होकर सरयू नहर में गिर गई। यह वाहन पृथ्वीनाथ मंदिर जल चढ़ाने जा रहा था। हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं, 2 पुरुष और 3 बच्चे शामिल हैं। मृतकों में 9 एक ही परिवार के थे। चार लोगों को स्थानीय लोगों ने शीशे तोड़कर बचा लिया, जिनका इलाज चल रहा है। हादसे का कारण तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और बारिश के कारण फिसलन भरी सड़क बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी 2 लाख रुपये प्रति मृतक और 50,000 रुपये घायलों के लिए अनुग्रह राशि की घोषणा की। पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं, और घटना की जांच जारी है।


